सर्दी की सर्द हवाओं में, ठंडी रातों की पड़ी ओंस में , दिल याद उसे बहुत करता है, क्युकी माँ का आँचल आज भी गर्मी देता है।
पहाड़ो पे पड़ी सफ़ेद बर्फ की तरह, धुंधली धुंधली सुबह की तरह, दिल ज़ोर आवाज़ लगता है, क्युकी माँ का आँचल बहुत सुकून देता है।
तुम रूठ जाती हो दिल टूट जाता है, मेरा साया ही मुझसे छूट जाता है, दिल रोज़ आंहे भरता है, क्युकी माँ का आँचल बहुत सुख देता है।
काश! वो आजाये तो थोडा मै मुस्कुरायु,
ठंडी रातों में बैठ उससे मै बतियाऊ,
दिल याद तुमेंह बहुत करता है,
माँ! तुम्हरा आँचल बहुत सुख देता है।
पहाड़ो पे पड़ी सफ़ेद बर्फ की तरह, धुंधली धुंधली सुबह की तरह, दिल ज़ोर आवाज़ लगता है, क्युकी माँ का आँचल बहुत सुकून देता है।
तुम रूठ जाती हो दिल टूट जाता है, मेरा साया ही मुझसे छूट जाता है, दिल रोज़ आंहे भरता है, क्युकी माँ का आँचल बहुत सुख देता है।
काश! वो आजाये तो थोडा मै मुस्कुरायु,
ठंडी रातों में बैठ उससे मै बतियाऊ,
दिल याद तुमेंह बहुत करता है,
माँ! तुम्हरा आँचल बहुत सुख देता है।

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